बिहार में छठ पूजा क्यों मनाया जाता है : छठ पूजा ( Chhath Puja ) उत्तर भारतीयों के लिए सबसे बड़ा पर्व है, इसलिए इसे महापर्व के नाम से भी जाना जाता है। छठ पूजा केवल इंडिया में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाई जाती है। छठ पूजा ( Chhath Puja ) खास तौर पर उत्तर भारत के बिहार झारखंड के साथ-साथ कई राज्यों में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाई जाती है। छठ पूजा आप केवल उत्तर भारत का ही नहीं बल्कि भारत के कई दूसरे राज्यों में भी धूमधाम के साथ मनाई जाती है, आखिरकार “बिहार में छठ पूजा क्यों मनाया जाता है” इसके पीछे धार्मिक महत्व क्या है इसके बारे में जानते हैं।
छठ पूजा 2025 ( Chhath Puja )
छठ पूजा भारत के कई राज्य बिहार उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल और झारखंड में मनाया जाता है। छठ पूजा के दिन सभी भक्त छठी मैया और भगवान सूर्य देव की पूजा अर्चना करते हैं। छठ पूजा ( Chhath Puja ) के दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखती है। धार्मिक मानताओ के अनुसार छठ पूजा पूरे चार दिन चलती है, छठ पूजा में प्रत्येक दिन का अलग-अलग विशेष महत्व होता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है और इसका समापन सूर्य देव को अर्ध देने के साथ होता है।
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बिहार में छठ पूजा क्यों मनाया जाता है ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रामायण काल में माता सीता जी ने पहले छठ पूजा बिहार के मुंगेर मैं नदी किनारे छठ पूजन किया था। इसके प्रमाण स्वरूप आज भी गंगा तट पर माता सीता जी के अस्त चल गामी सूर्य और उदय मान सूर्य को अर्ध देते चरण चिन्ह आज भी मौजूद है। इस धार्मिक मान्यताओं पर आनंद रामायण के प्रश्न संख्या 33 से 36 तक सीता चरण के बारे में उल्लेख किया गया है।
आनंद रामायण के अनुसार मुंगेर जिला के बबुआ घाट से से लगभग 3 किलोमीटर गंगा जी के बीच में पर्वत पर ऋषि मुग्दर् के आश्रम में मां सीता जी ने पहले छठ पूजन किया था। आज के टाइम में इस जगह को सीता शरण मंदिर के नाम से जाना जाता है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान श्री राम ने अपना वनवास पूरा किया था इसके बाद श्री राम वापस अयोध्या आए थे, इसके बाद भगवान श्री राम ने राम राज्य के लिए राज सूर्य यज्ञ करने का निर्णय लिया था।
राज सूर्य यज्ञ करने के लिए वाल्मीकि ऋषि ने श्री राम जी से कहा कि यह यज्ञ मुगदर ऋषि के आए बिना सफल नहीं होगा। इसके बाद भगवान श्री राम और माता सीता के साथ मुगदर ऋषि के पास गये और वहीं पर मुगदर ऋषि ने माता सीता जी को छठ पूजन के लिए कहा था। तभी से बिहार में पूरे धूमधाम के साथ छठ पूजा पर मनाया जाता है।
छठ पूजा का आध्यात्मिक महत्व
छठ पूजा एक ऐसा पर्व है जिसके साथ लोगों की बहुत ही गहरी आस्था जुडी हुई है। छठ पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व रखता है। छठ पर्व मुख्य रूप से सूर्य उपासना का पर्व है, छठ पूजा के दौरान चार दिनों में अलग-अलग दोनों में पूरे विधि विधान के साथ सूर्य देव और छठी मैया की पूजा अर्चना की जाती है, छठ पूजा से भगवान सूर्य देव के साथ-साथ छठी मैया के आशीर्वाद से घर में सुख शांति समृद्धि आती है और पुत्र आयु वृद्धि होती है।

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