Purnima December 2025 Date : दिसंबर में पूर्णिमा कब है? नोट कीजिए सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त

Purnima December 2025 Date : सनातन धर्म में प्रत्येक माह पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि का बहुत ही विशेष महत्व है। पूर्णिमा तिथि के दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु जी माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विधान है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि के दिन व्रत रखने से पूजा करने से और दान पुण्य करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है और जीवन में चल रही समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होती हैं। साल की आखिरी में पड़ने वाली पूर्णिमा मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, चलिए जानते हैं साल की आखिरी दिसंबर में पूर्णिमा कब है ( Purnima December 2025 Date ), पूर्णिमा सही तिथि शुभ मुहूर्त और पूजा विधि से भी जुड़ी जानकारी आपको प्रोवाइड की जाएगी।

दिसंबर में पूर्णिमा कब है ( Purnima December 2025 Date )

दिसंबर में मार्गशीर्ष महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 को सुबह 8:37 पर होगी और इसका समापन अगले दिन 5 दिसंबर 2025 को सुबह 4:33 पर होगी, उदया तिथि के हिसाब से पूर्णिमा 4 दिसंबर 2025 को मनाया जाएगा और इसी दिन शुभ मुहूर्त पर भगवान श्री विष्णु माता लक्ष्मी की पूजा की जाएगी।

दिसंबर में एकादशी कब कब है, नोट कीजिए सही तिथि शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 शुभ मुहूर्त

  • पूर्णिमा स्नान दान का शुभ मुहूर्त सुबह 5:10 से लेकर सुबह 6:04 तक
  • पूर्णिमा तिथि के दिन सत्यनारायण पूजा का शुभ समय सुबह 10:53 से लेकर दोपहर 1:29 तक
  • चंद्रोदय समय दोपहर 4:34

पूर्णिमा का महत्व

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक बहुत ही बड़ा महत्व है, पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान विष्णु माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से और इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को मानसिक शांति सुख समृद्धि प्राप्त होती है। पूर्णिमा तिथि के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से और इस दिन दान पूर्ण करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख समृद्धि शांति आती है।

पूर्णिमा के दिन क्या दान करना चाहिए ?

पूर्णिमा के दिन दान पुण्य का बहुत ही विशेष महत्व है, इस दिन दान करने से आपके जीवन में सुख समृद्धि शांति आती है और आप पर भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा बनी रहती है, पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान और पूजा करने के बाद आप जरूरतमंद लोगों को अनाज जैसे कि गेहूं चावल दाल दूध गुड़ तिल और खाने-पीने चीज की वस्तुओं का दान कर सकते हैं, आप इस दिन भूखे लोगों को खाना खिला सकते हैं।

पूर्णिमा पूजा विधि

  • पूर्णिमा तिथि के दिन आप सुबह सूर्योदय से पहले उठे और पवित्र नदी में स्नान करके भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य मंत्र का उच्चारण करें।
  • अब आपको व्रत का संकल्प लेना है और पूजा की तैयारी करनी है।
  • पूजा स्थल की साफ सफाई करके और पूजा स्थल में गंगाजल का छिड़काव करके एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी जी के प्रतिमा स्थापित करें।
  • अब आप भगवान विष्णु जी को चंदामृत से स्नान कारण और इसके बाद चंदन अक्षत फूल धूप दीप और नौवैध अर्पित करें।
  • अब आप भगवान विष्णु जी को केले और पंजीरी का भोग लगे इसके बाद आप सत्यनारायण की कथा सुने।
  • अब आपको भगवान श्री विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की आरती करना है।
  • शाम के वक्त चंद्रोदय होने के बाद आप चंद्र देव की पूजा करें और इस दिन खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रात भर खुला करके रखें और अगले दिन इसका सेवन करें।

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