Dussehra 2025 : दशहरा का पर्व पूरे भारतवर्ष में बहुत ही भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है, दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इस दिन दुर्गा नवमी की वजह से मां दुर्गा जी की पूजा की जाती है और इस दिन रावण दहन भी किया जाता है। अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान है और आप आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप दशहरा के दिन धन की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खास उपाय जरूर करें।
माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, दशहरा पर्व के दिन घर में घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है। हम सभी लोगों को दशहरा के दिन मां दुर्गा जी की पूजा के साथ-साथ घर के कुछ कोने में दीपक जरूर चलना चाहिए इससे की मां लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और उनकी कृपा हम पर सदैव बनी रहती है।
दशहरा के दिन दीपक से जुड़े उपाय
हमारे हिंदू शास्त्रों में दशहरा के दिन दीपक से जुड़े को खास उपाय बताए गए हैं हम सभी लोगों को दशहरा के दिन यह उपाय जरूर करनी चाहिए और जानते हैं कि दशहरा के दिन घर में कहाँ-कहाँ पर दीपक जलाने चाहिए।
घर का मुख्य द्वार
घर का मुख्य द्वार बहुत ही अहम होता है क्योंकि आपके घर में लक्ष्मी जी का प्रवेश मुख्य द्वार से ही होता है। दशहरा के दिन हमें घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए इससे की घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और इसी के साथ मां लक्ष्मी जी का भी आगमन होता है, घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से राहु के बुरे प्रभाव समाप्त होते हैं।
यह भी पढ़ें – पापांकुशा एकादशी कब है, नोट कीजिए सही तिथि और व्रत का नियम
तुलसी स्थान पर
माता तुलसी की पूजा करने का मतलब कि आप मां लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं, क्योंकि तुलसी पौधे पर मां लक्ष्मी जी का वास होता है, दशहरे के दिन आप शाम के वक्त तुलसी पौधे के नीचे घी का दीपक जलाएं जिससे कि आपकी आर्थिक तंगी दूर होगी और आप पर माता लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहेगी।
घर का पूजा स्थल
दशहरा के दिन घर के पूजा स्थल पर घी का अखंड दीपक जरूर जलाना चाहिए और इस दीपक को रात भर चलना चाहिए, ऐसा माना जाता है कि दशहरा के दिन अखंड दीपक जलाने से घर में सुख समृद्धि और शांति आती है और आप पर मां लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
शमी का पेड़
हमारे शास्त्रों में शमी पेड़ का महत्व बहुत ही बड़ा बताया गया है, शमी का पेड़ विजय सौभाग्य और धन का प्रतीक माना जाता है, शास्त्रों के अनुसार जब भगवान श्री राम ने लंका जाने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी इसलिए दशहरा के दिन शाम को शमी पेड़ के नीचे घी का दीपक जरूर चलाएं।
