Shardiya Navratri Vrat : शारदीय नवरात्रि मे सभी भक्त लोग पूरे 9 दिन मां दुर्गा जी की पूजा अर्चना करते हैं और साथ में मां दुर्गा जी का व्रत रखते हैं। नवरात्रि में पूरे 9 दिन व्रत रखना वाले भक्त के मन में कंफ्यूजन है की व्रत का पारण कब करना चाहिए। नवरात्रि व्रत का पारण नवमी और दशमी दोनों दिन किया जाता है। आप नवरात्रि व्रत का पालन कब कर सकते हैं और व्रत पर नियम एवं विधि क्या है इसके बारे में भी जानेंगे।
शारदीय नवरात्रि व्रत पारण किस दिन करें?
शारदीय नवरात्र में सभी भक्त लोग मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा आराधना करते हैं। नवरात्रि के दिनों में 9 दिन मां दुर्गा जी की पूजा के साथ-साथ व्रत रखने से मां दुर्गा जी की कृपा से सभी दुख तकलीफ दूर होती है और जिंदगी में सुख समृद्धि शांति आती है। शारदीय नवरात्र की शुरुआत 22 अक्टूबर 2025 से हुई थी और इसका समापन 1 अक्टूबर 2025 से होगा।
सभी भक्त लोग अपनी सुविधा अनुसार नवरात्रि व्रत पारण नवमी और दशमी तिथि के दिन कर सकते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार नवमी तिथि के दिन नवरात्रि व्रत पारण करना बहुत ही शुभ माना जाता है आप सभी भक्त लोग नवमी तिथि के दिन मां दुर्गा जी की पूजा आराधना करके अपना व्रत खोल सकते हैं।
यह भी पढ़ें – शारदीय नवरात्रि मे कब है कन्या पूजा, नोट कीजिए सही तिथि शुभ मुहूर्त और महत्व
नवरात्रि व्रत पारण विधि
- व्रत पारण से पहले आप सुबह जल्दी सूर्योदय से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर घर के साथ-साथ मंदिर की भी साफ सफाई करें।
- अब आप माता जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और उसके बाद माता रानी को फूल फल और भोग अर्पित करें।
- अब आप कन्या पूजन के लिए भोग तैयार करें जिसमें से आप कन्याओं को भोजन करने के लिए हलवा पूरी या हलवा खीर तैयार करें।
- अब आप कुंवारी कन्याओं को भोजन कारण और इसके बाद दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें।
- अब आप हवन करें और साथ में दुर्गा सप्तशती का पाठ करके दुर्गा माता के मित्रों का जाप करें।
- अब आप आखरी में दुर्गा चालीसा और दुर्गा आरती करके व्रत का समापन करें और हाथ जोड़कर माता रानी से घर परिवार की सुख समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना करें।
- अब आप बनाए गए भोग का सेवन करके अपना व्रत पारण कर सकते हैं।
