Vishwakarma Puja 2025 : कब है विश्वकर्मा पूजा? नोट कीजिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Vishwakarma Puja 2025 : विश्वकर्मा पूजा पूरे भारतवर्ष में पूरे धूमधाम के साथ मनाई जाती है, विश्वकर्मा पूजा को हम विश्वकर्मा जयंती के नाम से भी जानते हैं, विश्वकर्मा जयंती के दिन विश्वकर्मा जी यानी कि इस सृष्टि की रचना करने वाले विश्वकर्मा के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। विश्वकर्मा पूजा प्रत्येक वर्ष कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है, इस वर्ष 2025 में विश्वकर्मा पूजा कब है ( Vishwakarma Puja 2025 ) , विश्वकर्मा पूजा शुभ मुहूर्त पूजा विधि के साथ-साथ विश्वकर्मा पूजा का क्या महत्व है इसके बारे में भी जानेंगे।

विश्वकर्मा पूजा कब है ( Vishwakarma Puja 2025 )

हिंदू पंचांग के अनुसार विश्वकर्मा पूजा प्रत्येक वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मनाई जाती है, इस वर्ष 2025 में अश्विन मां के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 16 सितंबर को रात्रि 12:21 पर होगी और इसका समापन अगले दिन 17 सितंबर को रात्रि 11:39 पर होगा, उदया तिथि के हिसाब से विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी।

विश्वकर्मा पूजा शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:33 से लेकर सुबह 5:20 तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 12:18 से लेकर दोपहर 3:07 तक
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 6:24 से लेकर 6:45 तक

राहुकाल का समय

विश्वकर्मा पूजा के दिन राहुकाल का समय दोपहर 12:15 से लेकर दोपहर 1:47 तक रहेगा, राहुकाल के समय किसी वितरण की पूजा पाठ करना अशुभ माना जाता है इसलिए आप राहुकाल के समय विश्वकर्मा पूजा ना करें।

विश्वकर्मा पूजा महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा जी के सृष्टि में सहयोग करने वाले भगवान विश्वकर्मा जी का जन्म कन्या संक्रांति के दिन हुआ था, इसलिए प्रत्येक वर्ष पढ़ने वाली कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा जी के जन्मोत्सव के रूप में विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है और इस दिन भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना की जाती है, मान्यता है कि इस दिन विश्वकर्मा जी की पूजा करने से आपके व्यापार और आपके कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और आपकी जिंदगी में सुख समृद्धि शांति आती है।

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विश्वकर्मा पूजा विधि

  • विश्वकर्मा पूजा के दिन आप सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करे।
  • अब आपको साफ कपड़े पहन कर सबसे पहले अपने काम करने वाले सभी औजार मशीन और कार्यस्थल की साफ सफाई करनी है।
  • अब आप सभी पूजा सामग्री पूजा के लिए फूल अक्षत रोली चंदन हल्दी दीपक धूप फल और मिठाई चीज इकट्ठा करें।
  • अब आपको पूजा स्थल पर भगवान विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थापित करनी है।
  • अब आप सबसे पहले भगवान गणेश जी की पूजा करें और इसके बाद भगवान विश्वकर्मा जी को तिलक लगाए और फूल माला अर्पित करें।
  • अब आप अपने सभी काम करने वाले औजार मशीनों को तिलक लगाकर उनकी पूजा करें।
  • अब आप उन पर फूल और अच्छा चढ़ाएं और विश्वकर्मा मंत्र का जाप करें।
  • अब आप भगवान विश्वकर्मा जी की आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं इसके बाद प्रसाद को सभी लोगों को वितरित करें और गरीब लोगों को दान दें।

विश्वकर्मा पूजा के दिन जरूर करें इन मंत्रो का जाप

भगवान विश्वकर्मा के 108 नाम

  1. ॐ धराधराय नमः
  2. ॐ स्थूतिस्माय नमः
  3. ॐ विश्वरक्षकाय नमः
  4. ॐ दुर्लभाय नमः
  5. ॐ स्वर्गलोकाय नमः
  6. ॐ पंचवकत्राय नमः
  7. ॐ विश्वलल्लभाय नमः।
  8. ॐ धार्मिणे नमः
  9. ॐ धीराय नमः
  10. ॐ धराय नमः
  11. ॐ परात्मने नमः
  12. ॐ पुरुषाय नमः
  13. ॐ धर्मात्मने नमः
  14. ॐ श्वेतांगाय नमः
  15. ॐ श्वेतवस्त्राय नमः
  16. ॐ अनन्ताय नमः
  17. ॐ अन्ताय नमः
  18. ॐ आह्माने नमः
  19. ॐ अतलाय नमः
  20. ॐ आघ्रात्मने नमः
  21. ॐ अनन्तमुखाय नमः
  22. ॐ अनन्तभूजाय नमः
  23. ॐ अनन्तयक्षुय नमः
  24. ॐ अनन्तकल्पाय नमः
  25. ॐ अनन्तशक्तिभूते नमः
  26. ॐ अतिसूक्ष्माय नमः
  27. ॐ त्रिनेत्राय नमः
  28. ॐ कंबीघराय नमः
  29. ॐ ज्ञानमुद्राय नमः
  30. ॐ सूत्रात्मने नमः
  31. ॐ सूत्रधराय नमः
  32. ॐ महलोकाय नमः
  33. ॐ जनलोकाय नमः
  34. ॐ तषोलोकाय नमः
  35. ॐ सत्यकोकाय नमः
  36. ॐ सुतलाय नमः
  37. ॐ सलातलाय नमः
  38. ॐ महातलाय नमः
  39. ॐ रसातलाय नमः
  40. ॐ पातालाय नमः
  41. ॐ मनुषपिणे नमः
  42. ॐ त्वष्टे नमः
  43. ॐ हंसवाहनाय नमः
  44. ॐ त्रिगुणात्मने नमः
  45. ॐ सत्यात्मने नमः
  46. ॐ गुणवल्लभाय नमः
  47. ॐ भूकल्पाय नमः
  48. ॐ भूलेंकाय नमः
  49. ॐ भुवलेकाय नमः
  50. ॐ चतुर्भुजय नमः
  51. ॐ विश्वरुपाय नमः
  52. ॐ विश्वव्यापक नमः
  53. ॐ विश्वकर्मणे नमः
  54. ॐ विश्वात्मने नमः
  55. ॐ विश्वस्माय नमः
  56. ॐ विश्वधाराय नमः
  57. ॐ विश्वधर्माय नमः
  58. ॐ विरजे नमः
  59. ॐ विश्वेक्ष्वराय नमः
  60. ॐ विष्णवे नमः
  61. ॐ विश्वधराय नमः
  62. ॐ विश्वकराय नमः
  63. ॐ वास्तोष्पतये नमः
  64. ॐ विश्वभंराय नमः
  65. ॐ वर्मिणे नमः
  66. ॐ वरदाय नमः
  67. ॐ विश्वेशाधिपतये नमः
  68. ॐ वितलाय नमः
  69. ॐ विशभुंजाय नमः
  70. ॐ विश्वव्यापिने नमः
  71. ॐ देवाय नमः
  72. ॐ देवज्ञाय नमः
  73. ॐ पूर्णप्रभाय नमः
  74. ॐ ह्रदयवासिने नमः
  75. ॐ दुष्टदमनाथ नमः
  76. ॐ देवधराय नमः
  77. ॐ स्थिर कराय नमः
  78. ॐ वासपात्रे नमः
  79. ॐ पूर्णानंदाय नमः
  80. ॐ सानन्दाय नमः
  81. ॐ सर्वेश्वरांय नमः
  82. ॐ परमेश्वराय नमः
  83. ॐ तेजात्मने नमः
  84. ॐ परमात्मने नमः
  85. ॐ कृतिपतये नमः
  86. ॐ बृहद् स्मणय नमः
  87. ॐ ब्रह्मांडाय नमः
  88. ॐ भुवनपतये नमः
  89. ॐ त्रिभुवनाथ नमः
  90. ॐ सतातनाथ नमः
  91. ॐ सर्वादये नमः
  92. ॐ कर्षापाय नमः
  93. ॐ हर्षाय नमः
  94. ॐ सुखकत्रे नमः
  95. ॐ दुखहर्त्रे नमः
  96. ॐ निर्विकल्पाय नमः
  97. ॐ निर्विधाय नमः
  98. ॐ निस्माय नमः
  99. ॐ निराधाराय नमः
  100. ॐ निकाकाराय नमः
  101. ॐ महदुर्लभाय नमः
  102. ॐ निमोहाय नमः
  103. ॐ शांतिमुर्तय नमः
  104. ॐ शांतिदात्रे नमः
  105. ॐ मोक्षदात्रे नमः
  106. ॐ स्थवीराय नमः
  107. ॐ सूक्ष्माय नमः
  108. ॐ निर्मोहय नमः

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