Jagadhatri Puja 2025 : कब मनाई जाएगी जगद्धात्री पूजा, जानिए जगाधत्री पूजा से जुड़ी महत्व और पूजा विधि

Jagadhatri Puja 2025 : कब मनाई जाएगी जगद्धात्री पूजा, जानिए जगाधत्री पूजा से जुड़ी महत्व और पूजा विधि : जगद्धात्री पूजा पश्चिम बंगाल में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है, जगद्धात्री पूजा पूरे चार दिन तक मनाई जाती है और इस दिन जगद्धात्री माता की पूजा की जाती है। जगद्धात्री पूजा दुर्गा पूजा के तरह ही पूरे धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जगद्धात्री पूजा केवल बंगाल में ही नहीं बल्कि यह बिहार उड़ीसा और त्रिपुरा जैसी जगहों पर भी पूरे धूमधाम साथ मनाई जाती है। आईए जानते हैं इस वर्ष जगद्धात्री पूजा कब मनाई जाएगी और साथ में जगद्धात्री पूजा के महत्व के बारे में भी जानेंगे।

कब मनाई जाएगी जगद्धात्री पूजा?

जगद्धात्री पूजा प्रत्येक वर्ष कार्तिक शुक्र नवमी तिथि यानी अक्षय नवमी के दिन मनाई जाती है। इस वर्ष 2025 में कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 30 अक्टूबर को सुबह 10:06 पर हो रही है और इसका समापन अगले दिन 31 अक्टूबर को सुबह 10:30 पर होगा। उदया तिथि के हिसाब से जगाधत्री पूजा 31 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी और इसका समापन 4 नवंबर 2025 को होगा।

मां जगद्धात्री की किस स्वरूप की की जाती है पूजा ?

मां जगद्धात्री मां दुर्गा का ही एक रूप है, जगाधरी का अर्थ यानी मतलब होता है जगत की माता यानी कि संसार का पालन करने वाली। माता रानी के स्वरूप की बात की जाए तो वह शांत उदार और सशक्त हैं लाल वस्त्रों से सुसज्जित हैं और माता रानी त्रिनेत्र धारण करती हैं इसके अलावा सिंह पर विराजमान माता अपने भुज में चक्र धनुष बाण और खड़क धारण करती हैं।

मां जगद्धात्री स्त्री पूजा से जुड़ी मान्यताएं

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मां जगद्धात्री की पूजा का आयोजन 18 वीं शताब्दी में राजा कि चंद्र राय द्वारा पश्चिम बंगाल में किया गया था, धार्मिक कहानियां में बताया गया है कि राजा नवरात्रि में माता रानी का सही से पूजा नहीं कर सके थे जिसकी वजह से उनकी पूजा अधूरी रह गई थी, इसलिए इन्होंने कार्तिक महीने में मां दुर्गा जी की पूजा जगद्धात्री रूप में की गई थी और आगे चलकर यह धीरे-धीरे प्रचलित होती चली गई।

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